भाषा:
Get App

खोजें

फातिमा की दुआ का असर है हुसैन

  • यह साझा करें:
फातिमा की दुआ का असर है हुसैन
या हुसैन ! मौला हुसैन !
या हुसैन ! मौला हुसैन !

नबी का लख्ते जिगर, नूरे ऐयन लिख देना
अली का लाडला, ज़हरा का चैन लिख देना
किसी भी दौर में मज़लूम की हिमायत में
ज़मीने ज़ुल्मो सितम पर हुसैन लिख देना

फातिमा की दुआ का असर है हुसैन
हैदरी शेर है और निडर है हुसैन
है गवाह इस्पे मैदाने कार्बोबला
आ रही है ये तारीख से भी सदा
ज़ेर गुस्ताख़ है और ज़बर है हुसैन
हैदरी शेर है और निडर है हुसैन

फातिमा की दुआ का असर है हुसैन
हैदरी शेर है और निडर है हुसैन

मौला इमाम हुसैन, मौला इमाम हुसैन
मौला इमाम हुसैन, मौला इमाम हुसैन

हो बयां कैसे फ़ज़्लो कमाल हुसैन
हर जगह है नबी को ख़याले हुसैन
हैं नबी सजदे में पुश्त पर हैं हुसैन
हैदरी शेर है और निडर है हुसैन

फातिमा की दुआ का असर है हुसैन
हैदरी शेर है और निडर है हुसैन

इब्ने सादो, शिमर हो, या इब्ने ज़ियाद
इब्ने हैदर के दुश्मन हैं सब बदनिहाद
मर गए सारे, ज़िंदा मगर है हुसैन
हैदरी शेर है और निडर है हुसैन

शहीद मर नहीं सकता हुसैन ज़िंदा है
नबी की आल का दूल्हा हुसैन ज़िंदा है
यज़ीद दफन है ताबूते ज़ुल्म में अब भी
वफ़ा के बाग़ में मेरा हुसैन ज़िंदा है

इनकी ताज़ीम करते हैं असहाब भी
इब्ने अब्बास भी , इब्ने खत्ताब भी
बिल यकीं चाहते , बू बक्र हैं हुसैन
हैदरी शेर है और निडर है हुसैन

फातिमा की दुआ का असर है हुसैन
हैदरी शेर है और निडर है हुसैन

जिस्मे अतहर का लेते हैं बोसा कभी
फूल जन्नत के कहते हैं वल्लाह कभी
यानी महबूबे खैरे बशर हैं हुसैन
हैदरी शेर है और निडर है हुसैन

हुसैन तेरे लहू से खिला है गुलशने दीं
हमारा दीन है ज़िंदा हुसैन ज़िंदा है

जिस तरफ रन्न में जाते हैं शेरे अली
वासिले नार होते हैं दुश्मन सभी
केहरो बिजली सदा कुफ्र पर है हुसैन
हैदरी शेर है और निडर है हुसैन

फातिमा की दुआ का असर है हुसैन
हैदरी शेर है और निडर है हुसैन

जिसके बाबा ने खैबर दिया था उखाड़
इस्तेक़ामत के हैं वो ए रागिब! पहाड़
सब्र के बाग़ में मोअतबर हैं हुसैन
हैदरी शेर है और निडर है हुसैन
Mohammad Wasim

Mohammad Wasim

KI MUHAMMAD ﷺ SE WAFA TU NE TO HUM TERE HAIN,YEH JAHAN CHEEZ HAI KYA, LAUH O QALAM TERE HAIN.

Muslim Life Pro App
Download
WhatsApp Group
Join Now