السلام عليك يا۔۔۔یا رسول اللهالسلام عليك حبيبي،يا نبي اللهالسلام عليك يا۔۔۔یا رسول اللهالسلام عليك حبيبي،يا نبي الله، يا رسول الله
क़ल्ब-ए-'आशिक़ है अब पारा पाराअल-वदा'अ, अल-वदा'अ, माह-ए-रमज़ाँ !कुल्फ़त-ए-हिज्र-ओ-फ़ुर्क़त ने माराअल-वदा'अ, अल-वदा'अ, माह-ए-रमज़ाँ !
या नबी सलाम अलैका, या रसूल सलाम अलैका या हबीब सलाम अलैका, सलवा तुल्लाह अलैकाआपका तशरीफ लाना ,वक्त 'भी कितना सुहानाजगमगा उठा जमाना हूरें गाती थीं तराना
या रसूल अल्लाह तेरे दर की फज़ाओं को सलामया रसूल अल्लाह तेरे दर की फज़ाओं को सलामगुंबद-ए-ख़ज़रा की ठंडी ठंडी छाओं को सलाम
मदीने के आक़ा , सलामुन अलैकदो आलम के दाता, सलामुन अलैकज़मीं में मुहम्मद, ज़मां में मुहम्मद मकीं में मुहम्मद , मकां में मुहम्मद
मदीने के आक़ा ! मदीने के सरवर !दुरूद आप पर हो सलाम आप पर हो'अरब के दरिंदों को इंसान बनाए















