lab pe salle ala ke taraaneashk aankhon mein aaye hue hainye hawa ye faza keh rahi haiaap tashreef laaye hue hain
दिलों से ग़म मिटाता है, मुहम्मद नाम ऐसा हैनगर उजड़े बसाता है, मुहम्मद नाम ऐसा है
बारह रबीउल अव्वल के दिन अब्रे बहारां छाएमेरे सरकार आए मेरे सरकार आए
ख़ुदा का नूर तुझ में हू-ब-हू हैख़ुदा पिन्हा मगर तू रू-ब-रू हैतेरी 'अज़मत का अंदाज़ा हो किस कोख़ुदा है और ख़ुदा के बा'द तू है
नामे मुहम्मद कितना मीठा मीठा लगता हैनामे मुहम्मद कितना मीठा मीठा लगता हैसल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम
Aamad hai Aamad hai Aamad haiAamad hai Aamad hai Aamad haiNabi ki Aamad hai Nabi ki Aamad haiHai aaj Jashne Wilaadat Nabi ki Aamad hai
नूर वाले मुस्तफा आ गए छ गएनूर वाले मुस्तफा आ गए छ गएनूर वाले मुस्तफा शहर आलम में आ गएदेखते ही देखते सारे जहां पे छा गए
सहर का वक़्त था मासूम कलियाँ मुस्कुराती थींहवाएं खैर-मकदम के तराने गुनगुनाती थींअभी जिब्रील उतरे भी न थे काबे के मिम्बर से
मरहबा या मुस्तफा मरहबा या मुस्तफामरहबा या मुस्तफा मरहबा या मुस्तफानूर हर सू छा गया है दिन ख़ुशी का आ गयाआये प्यारे मुस्तफा अहलव सहलान मरहबा















