• author
    Mohammad Wasim
  • 22/12/2025
  • 1 मिनट का पाठ
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Lab pe Salle Ala ke Tarane Lyrics / लब पे सल्ले अला के तराने

lab pe salle ala ke taraaneashk aankhon mein aaye hue hainye hawa ye faza keh rahi haiaap tashreef laaye hue hain

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    Mohammad Wasim
  • 06/09/2025
  • 1 मिनट का पाठ
  • कोई दृश्य नहीं
दिलों से ग़म मिटाता है, मुहम्मद नाम ऐसा है || हिंदी

दिलों से ग़म मिटाता है, मुहम्मद नाम ऐसा हैनगर उजड़े बसाता है, मुहम्मद नाम ऐसा है

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    Mohammad Wasim
  • 06/09/2025
  • 1 मिनट का पाठ
  • कोई दृश्य नहीं
बारह रबीउल अव्वल के दिन अब्रे बहारां छाए

बारह रबीउल अव्वल के दिन अब्रे बहारां छाएमेरे सरकार आए मेरे सरकार आए

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    Mohammad Wasim
  • 06/01/2025
  • 1 मिनट का पाठ
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देखने को या मुहम्मद यूँ तो क्या देखा नहीं | कोई आप सा देखा नहीं

ख़ुदा का नूर तुझ में हू-ब-हू हैख़ुदा पिन्हा मगर तू रू-ब-रू हैतेरी 'अज़मत का अंदाज़ा हो किस कोख़ुदा है और ख़ुदा के बा'द तू है

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    Mohammad Wasim
  • 02/12/2024
  • 2 मिनट का पाठ
  • 816 बार देखा गया
Mein Aur Mere Maa Baap ho'n Qurban-e-Muhammad
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    Mohammad Wasim
  • 02/12/2024
  • 1 मिनट का पाठ
  • 828 बार देखा गया
Puchhte Kya ho Arsh Par
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    Mohammad Wasim
  • 21/11/2024
  • 2 मिनट का पाठ
  • 1,327 बार देखा गया
नबी का जश्न मनाओ नबी से प्यार करो
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    Mohammad Wasim
  • 21/11/2024
  • 1 मिनट का पाठ
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नामे मुहम्मद कितना मीठा मीठा लगता है

नामे मुहम्मद कितना मीठा मीठा लगता हैनामे मुहम्मद कितना मीठा मीठा लगता हैसल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम

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    Mohammad Wasim
  • 21/11/2024
  • 2 मिनट का पाठ
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Nabi ki Aamad hai / नबी की आमद है

Aamad hai Aamad hai Aamad haiAamad hai Aamad hai Aamad haiNabi ki Aamad hai Nabi ki Aamad haiHai aaj Jashne Wilaadat Nabi ki Aamad hai

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    Mohammad Wasim
  • 20/11/2024
  • 1 मिनट का पाठ
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नूर वाले मुस्तफा आ गए छ गए

नूर वाले मुस्तफा आ गए छ गएनूर वाले मुस्तफा आ गए छ गएनूर वाले मुस्तफा शहर आलम में आ गएदेखते ही देखते सारे जहां पे छा गए

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    Mohammad Wasim
  • 20/11/2024
  • 1 मिनट का पाठ
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नूर वाला आया है जश्न मनाओ मिलके

सहर का वक़्त था मासूम कलियाँ मुस्कुराती थींहवाएं खैर-मकदम के तराने गुनगुनाती थींअभी जिब्रील उतरे भी न थे काबे के मिम्बर से

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    Mohammad Wasim
  • 20/11/2024
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नूर हर सू छा गया है दिन ख़ुशी का आ गया

मरहबा या मुस्तफा मरहबा या मुस्तफामरहबा या मुस्तफा मरहबा या मुस्तफानूर हर सू छा गया है दिन ख़ुशी का आ गयाआये प्यारे मुस्तफा अहलव सहलान मरहबा