सहर का वक़्त था मासूम कलियाँ मुस्कुराती थीं
हवाएं खैर-मकदम के तराने गुनगुनाती थीं
अभी जिब्रील उतरे भी न थे काबे के मिम्बर से
के इतने में सदा आयी ये अब्दुल्लाह के घर से
मुबारक हो मुबारक हो मुबारक हो मुबारक हो
मुबारक हो शहे हर दोसरा तशरीफ़ ले आये
मुबारक हो मुहम्मद मुस्तफा तशरीफ़ ले आये
नूर वाला आया है जश्न मनाओ मिलके
नूर वाला आया है जश्न मनाओ मिलके
अस्सलाम अये जाने आलम , अस्सलाम इमाने आलम
शाहे दीं सुल्ताने आलम, सलवा तुल्लाही अलैक
वाली-इ-मक्का वाली-इ-तयबाह और दुनिया के वाली
आमेना बी के घर आये हैं महकी डाली डाली
सारे नबी ये कहते हैं चलो जश्न मनाओ मिलके
जंडे लगाओ , सब गलियां सजाओ, सरकार के नारे लगाओ
है जश्ने नबी, रौनक है लगी, दिलो जान से सारे गाओ
हम मिलाद वाले हैं, हम मिलाद वाले हैं
ज़बां पर "अशरकल-बदरु-अलैना" की सदाएं थीं
दिलों में "मद-आ लिल्लाहि दाई" की दुआएं थीं
वो नन्हीं बच्चियां छतों पर चड कर डफ्फ बजातीं थीं
रसूले पाक की जानिब इशारे कर के गातीं थीं
"तला-अल बदरू अलैना , मिन सनी यातील वदा"
"वजबा-शुक्रू अलैना , मद-आ लिल्लाहि दाई "
के हम हैं बच्चियां नज्जार के आली घराने की
ख़ुशी है आमेना के लाल के तशरीफ़ लाने की
वेलकम वेलकम या मुस्तफा
वेलकम वेलकम या मुस्तफा
वेलकम वेलकम या मुस्तफा
ये कहती थी घर घर में जा कर हलीमा
मेरे घर में खैरुल वरा आ गए हैं
बड़े औज पर है मेरा अब मुक़द्दर
मेरे घर हबीबे खुदा आ गए हैं
या मुस्तफा या मुज्तबा सल्ले अला सल्ले अला
या मुस्तफा या मुज्तबा सल्ले अला सल्ले अला
ये किस शहंशाह-इ-वाला की आमद आमद है
ये कौनसे शहे बाला की आमद आमद है
बोलो मरहबा बोलो मरहबा
बोलो मरहबा बोलो मरहबा
रुसूल उन्हीं का तो मुज़्दा सुनाने आये हैं
उन्हीं के आने की खुशियां मानाने आये हैं
फिरिशते आज जो धूमें मचाने आये हैं
इन्हीं के आने की खुशियां मानाने आये हैं
बोलो मरहबा बोलो मरहबा
बोलो मरहबा बोलो मरहबा
इन्हें खुदा ने किया अपने मुल्क़ का मालिक
इन्हीं के कब्ज़े में रब्ब के ख़ज़ाने आये हैं
जो चाहेंगे जिसे चाहेंगे ये उसे देंगे
करीम हैं ये ख़ज़ाने लुटाने आये हैं
बोलो मरहबा बोलो मरहबा
बोलो मरहबा बोलो मरहबा
सरकार की आमद - मरहबा
दिलदार की आमद - मरहबा
आक़ा की आमद - मरहबा
दाता की आमद - मरहबा
हुज़ूर की आमद - मरहबा
पुरनूर की आमद - मरहबा
सब ज़ूम के बोलो - मरहबा
सब मिल कर बोलो - मरहबा
धूम मचादो धूम मचादो
धूम मचादो धूम मचादो
नूर वाला आया है जश्न मनाओ मिलके
नूर वाला आया है जश्न मनाओ मिलके
नूर से अपने सरवरे आलम , दुनिया जगमगाने आये
गम के मारों दुखियारों को , सीने से लगाने आये
अश्कों से भर कर जोलियाँ, आँखें बिछा दो राह में
सल्ले अला की दो सदा , मेरे हुज़ूर आ गए
मरहबा रसूलल्लाह मरहबा रसूलल्लाह
मरहबा रसूलल्लाह मरहबा रसूलल्लाह
नूर वाला आया है जश्न मनाओ मिलके
नूर वाला आया है जश्न मनाओ मिलके
आमेना बीबी के गुलशन में आयी है ताजा बहार
पड़ते हैं सल्ललल्लाहु वसल्लम आज दरो दीवार
जिब्रील आये जुला जलाने लोरी दे ज़ीशान
सोजा सोजा रेहमते आलम , नबियों के सुलतान
अस्सलाम अये जाने आलम, अस्सलाम इमाने आलम
शाहे दीं सुल्ताने आलम सलवा तुल्लहि अलैक
हम मिलाद वाले हैं हम मिलाद वाले हैं
नबियों के सुलतान आक़ा नबियों के सुलतान
खलिश मुज़फ्फर वो करते हैं हर मुश्किल आसान
अपने अपने मन की बिपता उनको सुनाओ मिलके
या मुस्तफा या मुस्तफा सल्ले अला सल्ले अला
या मुस्तफा या मुस्तफा सल्ले अला सल्ले अला
"तला-अल बदरू अलैना , मिन सनी यातील वदा"
"वजबा-शुक्रू अलैना , मद-आ लिल्लाहि दाई "
अभी जिब्रील उतरे भी न थे काबे के मिम्बर से
के इतने में सदा आयी ये अब्दुल्लाह के घर से
मुबारक हो मुबारक हो मुबारक हो मुबारक हो
मुबारक हो शहे हर दोसरा तशरीफ़ ले आये
मुबारक हो मुहम्मद मुस्तफा तशरीफ़ ले आये
नूर वाला आया है जश्न मनाओ मिलके
नूर वाला आया है जश्न मनाओ मिलके
अस्सलाम अये जाने आलम , अस्सलाम इमाने आलम
शाहे दीं सुल्ताने आलम, सलवा तुल्लाही अलैक
वाली-इ-मक्का वाली-इ-तयबाह और दुनिया के वाली
आमेना बी के घर आये हैं महकी डाली डाली
सारे नबी ये कहते हैं चलो जश्न मनाओ मिलके
जंडे लगाओ , सब गलियां सजाओ, सरकार के नारे लगाओ
है जश्ने नबी, रौनक है लगी, दिलो जान से सारे गाओ
हम मिलाद वाले हैं, हम मिलाद वाले हैं
ज़बां पर "अशरकल-बदरु-अलैना" की सदाएं थीं
दिलों में "मद-आ लिल्लाहि दाई" की दुआएं थीं
वो नन्हीं बच्चियां छतों पर चड कर डफ्फ बजातीं थीं
रसूले पाक की जानिब इशारे कर के गातीं थीं
"तला-अल बदरू अलैना , मिन सनी यातील वदा"
"वजबा-शुक्रू अलैना , मद-आ लिल्लाहि दाई "
के हम हैं बच्चियां नज्जार के आली घराने की
ख़ुशी है आमेना के लाल के तशरीफ़ लाने की
वेलकम वेलकम या मुस्तफा
वेलकम वेलकम या मुस्तफा
वेलकम वेलकम या मुस्तफा
ये कहती थी घर घर में जा कर हलीमा
मेरे घर में खैरुल वरा आ गए हैं
बड़े औज पर है मेरा अब मुक़द्दर
मेरे घर हबीबे खुदा आ गए हैं
या मुस्तफा या मुज्तबा सल्ले अला सल्ले अला
या मुस्तफा या मुज्तबा सल्ले अला सल्ले अला
ये किस शहंशाह-इ-वाला की आमद आमद है
ये कौनसे शहे बाला की आमद आमद है
बोलो मरहबा बोलो मरहबा
बोलो मरहबा बोलो मरहबा
रुसूल उन्हीं का तो मुज़्दा सुनाने आये हैं
उन्हीं के आने की खुशियां मानाने आये हैं
फिरिशते आज जो धूमें मचाने आये हैं
इन्हीं के आने की खुशियां मानाने आये हैं
बोलो मरहबा बोलो मरहबा
बोलो मरहबा बोलो मरहबा
इन्हें खुदा ने किया अपने मुल्क़ का मालिक
इन्हीं के कब्ज़े में रब्ब के ख़ज़ाने आये हैं
जो चाहेंगे जिसे चाहेंगे ये उसे देंगे
करीम हैं ये ख़ज़ाने लुटाने आये हैं
बोलो मरहबा बोलो मरहबा
बोलो मरहबा बोलो मरहबा
सरकार की आमद - मरहबा
दिलदार की आमद - मरहबा
आक़ा की आमद - मरहबा
दाता की आमद - मरहबा
हुज़ूर की आमद - मरहबा
पुरनूर की आमद - मरहबा
सब ज़ूम के बोलो - मरहबा
सब मिल कर बोलो - मरहबा
धूम मचादो धूम मचादो
धूम मचादो धूम मचादो
नूर वाला आया है जश्न मनाओ मिलके
नूर वाला आया है जश्न मनाओ मिलके
नूर से अपने सरवरे आलम , दुनिया जगमगाने आये
गम के मारों दुखियारों को , सीने से लगाने आये
अश्कों से भर कर जोलियाँ, आँखें बिछा दो राह में
सल्ले अला की दो सदा , मेरे हुज़ूर आ गए
मरहबा रसूलल्लाह मरहबा रसूलल्लाह
मरहबा रसूलल्लाह मरहबा रसूलल्लाह
नूर वाला आया है जश्न मनाओ मिलके
नूर वाला आया है जश्न मनाओ मिलके
आमेना बीबी के गुलशन में आयी है ताजा बहार
पड़ते हैं सल्ललल्लाहु वसल्लम आज दरो दीवार
जिब्रील आये जुला जलाने लोरी दे ज़ीशान
सोजा सोजा रेहमते आलम , नबियों के सुलतान
अस्सलाम अये जाने आलम, अस्सलाम इमाने आलम
शाहे दीं सुल्ताने आलम सलवा तुल्लहि अलैक
हम मिलाद वाले हैं हम मिलाद वाले हैं
नबियों के सुलतान आक़ा नबियों के सुलतान
खलिश मुज़फ्फर वो करते हैं हर मुश्किल आसान
अपने अपने मन की बिपता उनको सुनाओ मिलके
या मुस्तफा या मुस्तफा सल्ले अला सल्ले अला
या मुस्तफा या मुस्तफा सल्ले अला सल्ले अला
"तला-अल बदरू अलैना , मिन सनी यातील वदा"
"वजबा-शुक्रू अलैना , मद-आ लिल्लाहि दाई "







