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लुटाते खूब हैं दौलत अली के दीवाने

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मौला मुश्किल कुशा मौला मुश्किल कुशाहैदरीयम क़लन्दरीयम मस्तमबंदा-इ-मुर्तज़ा अली हस्तम

मौला मुश्किल कुशा मौला मुश्किल कुशा

हैदरीयम क़लन्दरीयम मस्तम
बंदा-इ-मुर्तज़ा अली हस्तम
पेशवा-इ-तमामे रिंदानं
के सेज कू-इ-शेहरे यज़दानाम

लुटाते खूब हैं दौलत अली के दीवाने
हैं करते अब भी हुकूमत अली के दीवाने

अली के दीवाने अली के दीवाने
अली के दीवाने अली के दीवाने

पछाड़ देते हैं हर जंग में लईनों को
जो फाड़ देते हैं अदा-इ-दीं के सीनों को
हैं रखते ऐसी शुजा-अत अली के दीवाने

अली के दीवाने अली के दीवाने
अली के दीवाने अली के दीवाने

जो वक़्त पड़ता हैं घर बार भी लुटाते हैं
रिज़ा-इ-रब्ब के लिए सर को भी कटाते हैं
मगर न झुकते हैं हज़रत अली के दीवाने

अली के दीवाने अली के दीवाने
अली के दीवाने अली के दीवाने

है कोई गॉस कोई कर्बला का दूल्हा है
कोई है दाता कोई हिन्द का शहंशाह है
हैं ऐसे साहिबे इज़्ज़त अली के दीवाने

अली के दीवाने अली के दीवाने
अली के दीवाने अली के दीवाने

मुनाफिक़ीन हैं डरते अली के नारे से
शयातीन सर हैं पकड़ते अली के नारे से
लगाके पाते हैं इज़्ज़त अली के दीवाने

अली के दीवाने अली के दीवाने
अली के दीवाने अली के दीवाने

उठाते ऊँगली जो सिद्दीक़ की सदाक़त पर
नबी के यार उमर साहिबे अदालत पर
तो इस से करते हैं नफरत अली के दीवाने

अली के दीवाने अली के दीवाने
अली के दीवाने अली के दीवाने

ख़य्यम भिक है पाता अली के लालों की
तलब नहीं है ज़र्रों माल के उजालों की
क़दम में रखते हैं सरवत अली के दीवाने

अली के दीवाने अली के दीवाने
अली के दीवाने अली के दीवाने

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