पीराने पीर मेरे शाह-ए-जीलानी
रोशन ज़मीर मेरे शाह-ए-जीलानी
ऊँचे ऊँचों के सरों से क़दम आला तेरा
औलिया मलते हैं आँखें वो है तलवा तेरा
पीराने पीर मेरे शाह-ए-जीलानी
रोशन ज़मीर मेरे शाह-ए-जीलानी
क्या दबे जिसपे हिमायत का हो पंजा तेरा
शेर को खतरे में लाता नहीं कुत्ता तेरा
पीराने पीर मेरे शाह-ए-जीलानी
रोशन ज़मीर मेरे शाह-ए-जीलानी
कसमें दे-दे के खिलाता है पिलाता है तुजे
प्यारा अल्लाह तेरा चाहने वाला तेरा
पीराने पीर मेरे शाह-ए-जीलानी
रोशन ज़मीर मेरे शाह-ए-जीलानी
तुजसे दर, दर से सग, और सग से है मुझको निस्बत
मेरी गर्दन में भी है दूर का डोरा तेरा
पीराने पीर मेरे शाह-ए-जीलानी
रोशन ज़मीर मेरे शाह-ए-जीलानी
इस निशानी के जो सग हैं नहीं मारे जाते
हश्र तक मेरे गले में रहे पट्टा तेरा
पीराने पीर मेरे शाह-ए-जीलानी
रोशन ज़मीर मेरे शाह-ए-जीलानी
चल लिखा लाएं सना-ख्वानों में चहेरा तेरा
पीराने पीर मेरे शाह-ए-जीलानी
रोशन ज़मीर मेरे शाह-ए-जीलानी







