खुदा के फ़ज़ल से हम पर है साया गौसे आज़म काहमें दोनों जहां में है, सहारा गौसे आज़म का
जितना दिया सरकार ने मुझको उतनी मेरी औकात नहींये तो करम है उनका वरना मुझमें तो ऐसी बात नहींइश्क़े शहे बत्हा से पहले मुफ़लिसों खस्ता हाल था में जी
खुदा के फ़ज़ल से हम पर है साया गौसे आज़म काहमें दोनों जहां में है, सहारा गौसे आज़म का
जितना दिया सरकार ने मुझको उतनी मेरी औकात नहींये तो करम है उनका वरना मुझमें तो ऐसी बात नहींइश्क़े शहे बत्हा से पहले मुफ़लिसों खस्ता हाल था में जी