ऐ सबा ! सरकार की बातें सुना
सय्यिद-ए-अबरार की बातें सुना
मैं दुरूदों के हूँ नग़्मे छेड़ता
तू मुझे सरकार की बातें सुना
फिर महक उट्ठे मेरे ज़ख़्मों के फूल
नूर की, गुलज़ार की बातें सुना
सब्ज़ गुंबद और सुनहरी जालियाँ
मसदर-ए-अनवार की बातें सुना
जिस से हासिल हो सुकून-ए-दिल मुझे
हाँ ज़रा उस यार की बातें सुना
हम न जाने कब मदीने जाएँगे
तू मेरे मन-ठार की बातें सुना
मैं पढ़ूँ विज्दान में सल्ले-'अला
प्यार से तू प्यार की बातें सुना
हम को दोज़ख़ से न, ऐ वा'इज़ ! डरा
रहमत-ए-ग़फ़्फ़ार की बातें सुना
जिस का सदक़ा माँगते हैं दो जहाँ
उस सख़ी दरबार की बातें सुना
जिस ने बाँटे 'उम्र-भर उम्मत के ग़म
मूनिस-ओ-ग़म-ख़्वार की बातें सुना
शायद आ जाएँ कभी वो ख़्वाब में
वस्ल की, दीदार की बातें सुना
है, नियाज़ी ! दम में जब तक दम तेरे
अहमद-ए-मुख़्तार की बातें सुना
Muslim Life Pro App
Download
WhatsApp Group
Join Now




