भाषा:
Get App

खोजें

जन्नत में लेके जाएगी चाहत रसूल की

  • यह साझा करें:
Get it on Google PlayDownload on the App Store
क्युं कर न मेरे दिल में हो उल्फत रसूल कीजन्नत में लेके जाएगी चाहत रसूल कीजन्नत में लेके जाएगी चाहत रसूल की
 
क्युं कर न मेरे दिल में हो उल्फत रसूल की
जन्नत में लेके जाएगी चाहत रसूल की
 
जन्नत में लेके जाएगी चाहत रसूल की
 
बिगड़ी भी बनाएंगे , दर पे भी बुलाएंगे
गबराओ न दीवानों , सरकार बुलाएंगे
 
चलता हूँ में भी काफिले वालों रुको ज़रा
मिलने दो बस मुझे भी, इजाज़त रसूल की
 
जन्नत में लेके जाएगी चाहत रसूल की
 
क्या सब्ज़ सब्ज़ गुम्बद का खूब है नज़ारा
है किस क़दर सुहाना, कैसा है प्यारा प्यारा
 
सरकार ने बुलाके मदीना दिखा दिया
होगी हमें नसीब, शफ़ाअत रसूल की
 
जन्नत में लेके जाएगी चाहत रसूल की
 
इन आँखों का वरना कोई मसरफ़ ही नहीं है
सरकार तुम्हारा रुख-इ-जैबा नज़र आये
 
या रब दिखा दे आज की शब् जलवा-इ-हबीब
इक बार तो अता हो, ज़ियारत रसूल की
 
क़ब्र में सरकार आएं तो में क़दमों में गिरूं
गर फरिश्ते भी उठाएं तो में उनसे यूँ कहूं
 
अब तो पा-ए-नाज़ से मैं, अये फरिश्तों क्युं उठूं
मरके पहुंचा हूँ यहाँ , इस दिलरुबा के वास्ते
 
तड़पा के उनके क़दमों में मुझको गिरा दे शौक़
जिस वक़्त हो लहद में, ज़ियारत रसूल की
 
जन्नत में लेके जाएगी चाहत रसूल की
 
हश्र में इक इक नाम तकते फिरते हैं अदू
आफतों में फस गए उनका सहारा छोड़ कर
 
दामन में उनके लेलो पनाह आज नजदियों !
महंगी पड़ेगी वरना अदावत रसूल की
 
जन्नत में लेके जाएगी चाहत रसूल की
 
तू है गुलाम उनका उबैद-ए-रज़ा तेरे
महशर में होगी साथ शफ़ाअत रसूल की
 
जन्नत में लेके जाएगी चाहत रसूल की
Muslim Life Pro App
Download
WhatsApp Group
Join Now