मदीना छोड़ आए हैं
शब-ए-फ़ुरक़त से दिल घबरा रहा है
मदीना आप का याद आ रहा है
मदीना छोड़ आए हैं, मदीना छोड़ आए हैं
मदीना छोड़ आए, अपनी दुनिया छोड़ आए हैं
हमारे पास जितना था, असासा छोड़ आए हैं
मदीना छोड़ आए हैं, मदीना छोड़ आए हैं
ख़ुदा का घर भी छूटा है, नबी का आस्ताना भी
लगा है दोहरा ग़म, मक्का-मदीना छोड़ आए हैं
मदीना छोड़ आए हैं, मदीना छोड़ आए हैं
अभी तक दिल वहीं पर है, अभी तक जाँ वहीं पर
दिल-ओ-जाँ को वहाँ रोता, बिलखता छोड़ आए हैं
मदीना छोड़ आए हैं, मदीना छोड़ आए हैं
अभी तक याद आती है, मजार-ए-हमज़ा की रौनक
भला क्यों सैय्यद-उश-शोहदा का ख़ित्ते छोड़ा आए हैं
मदीना छोड़ आए हैं, मदीना छोड़ आए हैं
मदीने के दर-ओ-दीवार, सब रास्ते महकते हैं
ज़रा सा 'इत्र लेकर, मुश्क-ए-नाफ़ा छोड़ आए हैं
मदीना छोड़ आए हैं, मदीना छोड़ आए हैं
जहाँ से सारी दुनिया में उजागर फ़ैज़ जारी है
बाक़ी-ए-पाक में ज़हरा का रोज़ा छोड़ आए हैं
मदीना छोड़ आए हैं, मदीना छोड़ आए हैं







