मदीने के जलवे मदीने की रातें
मदीना दिखा जल्दी जल्दी खुदाया
मदीना दिखा जल्दी जल्दी खुदाया
मदीने के जलवे मदीने की रातें
हमें ऐ खुदाया दिखा जल्दी जल्दी
तड़पते हैं दिन रात जो हाजरी को
उन्हें भी खुदाया बुला जल्दी जल्दी
वो रोज़े का मंजर वो महराबो मिंबर
वो जन्नत की क्यारी बड़ी प्यारी प्यारी
जहाँ पर लगीं मेरे आका की गलियाँ
वो गलियाँ हमें भी घुमा जल्दी जल्दी
जिन्हें सुन के करते हैं इफ्तारो सेहरी
सभी माहे रमज़ान में उश्शाके नबवी
जिन्हें सुनके होता है एक कैफ़ तारी
हमें वो अज़ाने सुना जल्दी जल्दी
है जिससे मोहब्बत मेरे मुस्तफ़ा को
जो चाहता है खुद भी हबीबे खुदा को
जहाँ पर मकीन मेरे हम्ज़ा पिया हैं
उहद की वो वादी दिखा जल्दी जल्दी
सुना है मदीना करम ही करम है
फ़क़ीरों का मसकन नबी का हरम है
सुबहो शाम जिस दर पे आएं फ़रिश्ते
वो दरबार हमको दिखा जल्दी जल्दी
जहाँ पर है रोज़ा-ए-ख़ातूने जन्नत
जहाँ पर है हिजरा-ए-मदार-ए उम्मत
जहाँ पर हैं सिद्दीको फ़ारूक़ो उस्मान
वो जन्नत का टुकड़ा दिखा जल्दी जल्दी
मेरे दिल की धड़कन है हर दम दुआगो
बुला लो मुझे मौला अब तो बुला लो
मेरी प्यास अहमद अब बढ़ती ही जाए
इसे ऐ खुदाया बुझा जल्दी जल्दी
मदीने के जलवे मदीने की रातें
हमें ऐ खुदाया दिखा जल्दी जल्दी







