भाषा:
Get App

खोजें

Get Muslim Life Pro App

Get it on Google PlayDownload on the App Store

मुहम्मद मुस्तफा आए बहार अंदर बहार आए

  • यह साझा करें:
मुहम्मद मुस्तफा आए बहार अंदर बहार आए
मुहम्मद मुस्तफा आये बहार अंदर बहार आयी
मुहम्मद मुस्तफा आये बहारों पर बहार आयी
ज़मीं को चूमने जन्नत से खुश्बु बार बार आयी 

जनाबे आमेना का चाँद जब चमका ज़माने में
कमर की चांदनी क़दमों पे होने को निसार आयी
 
मुहम्मद मुस्तफा आये बहार अंदर बहार आयी
ज़मीं को चूमने जन्नत से खुश्बु बार बार आयी 

हलीमा दो जहां क़ुर्बान हों तेरे मुक़द्दर पर
तेरे कच्चे से घर में रेहमते परवरदिगार आयी
 
मुहम्मद मुस्तफा आये बहार अंदर बहार आयी
ज़मीं को चूमने जन्नत से खुश्बु बार बार आयी

बड़ी मायूस थी दायी हलीमा जब गयी मक्के
मगर आयी तो लेके दो जहां का ताजदार आयी
 
मुहम्मद मुस्तफा आये बहार अंदर बहार आयी
ज़मीं को चूमने जन्नत से खुश्बु बार बार आयी

जबी तो है महक उठी ये आलम की फ़ज़ा सारी
है गेसू चूमकर उनके नसीमे खुशगवार आयी
 
मुहम्मद मुस्तफा आये बहार अंदर बहार आयी
ज़मीं को चूमने जन्नत से खुश्बु बार बार आयी
 
रबिउन्नूर की सुब्ह खबर फैली ये मक्के में 
के रहमत दो जहानों की है अब्दुल्लाह के घर आयी 
 
मुहम्मद मुस्तफा आये बहार अंदर बहार आयी
ज़मीं को चूमने जन्नत से खुश्बु बार बार आयी
 
मिलादे मुस्तफा में क्यों मनाउं ना ज़हीर उनका 
के जिनके आने से दुनिया अंधेरों से निकल आयी 
 
मुहम्मद मुस्तफा आये बहार अंदर बहार आयी
ज़मीं को चूमने जन्नत से खुश्बु बार बार आयी
 
वो आये तो मनादि हो गयी अक़्सा ज़माने में
वो आये तो मनादि हो गयी साईम ज़माने में
बहार आयी बहार आयी मदीने में बहार आयी
 
मुहम्मद मुस्तफा आये बहार अंदर बहार आयी
ज़मीं को चूमने जन्नत से खुश्बु बार बार आयी
 
Mohammad Wasim

Mohammad Wasim

KI MUHAMMAD ﷺ SE WAFA TU NE TO HUM TERE HAIN,YEH JAHAN CHEEZ HAI KYA, LAUH O QALAM TERE HAIN.

Muslim Life Pro App
Download
WhatsApp Group
Join Now