भाषा:
Get App

खोजें

नूर ए रमज़ान

  • यह साझा करें:
नूर ए रमज़ान

शुक्र-ए-खुदा करो महे रहमान आ गया

तक़्सीम करने नेअमतें रमज़ान आ गया

अल्लाह तेरा है एहसान

रोज़े नमाज़े और कुरआन

हां यह सब रुह-ए-ईमान ! नूरे रमज़ान

नूरे रमज़ान, नूरे रमज़ान, नूरे रमज़ान 

 

नूरे रमज़ान, नूरे रमज़ान

 

(इ़ल्म मसरूफ़ है अमल से

 

और ये हासिल होता है

 

जब कोशिश की जाये दिल से)

 

 

इ़ल्म-ओ-अदब सिखलायेंगे दीन-ए-ख़ुदा फ़ैलायेंगे

मस्जिद में भी जाएंगे हम तो नात सुनाऐंगे

 

अल्लाह तेरा है एहसान तूने बढ़ा दीं सब की शान

आया है बनके मेहमान ! नूरे रमज़ान

 

नूरे रमज़ान, नूरे रमज़ान, नूरे रमज़ान 

 

नूरे रमज़ान, नूरे रमज़ान

 

(दीने इस्लाम, मुह़ब्बत का पयाम,

 

अल्लाह का इनआम, ख़ालिक का है पैग़ाम)

 

कैसी हवाए इ़श्क़ चली ख़त्म हुई नफ़रत दिल की

बाट रहे हैं प्यार सभी सहरी हो या अफ्तारी

 

अल्लाह तेरा है एहसान एक हुए सारे इन्सान

सज गये घर घर दस्तरख़्वान ! नूरे रमज़ान

 

 

नूरे रमज़ान, नूरे रमज़ान, नूरे रमज़ान 

 

नूरे रमज़ान, नूरे रमज़ान

 

 

 

मेरी ख़ातिर ख़ुदा तू ने क्या क्या किया

 

तूने खुशियों से दामन मेरा भर दिया

 

और बदले में मैंने तुझे क्या दिया

इन गुनाहों पे दिल रो रहा है मेरा

 

मैंने मां बाप का ह़क़ अदा न किया

 

तेरे बन्दों का दिल भी दुखाया बड़ा

ना ही ख़ैरात की ना ही सदक़ा दिया

सिर्फ अपने ही बारे में सोचा किया

ना नमाज़ें पढ़ी ना ही रोज़ा रखा

और इबादात का ह़क़ अदा न हुआ

फिर भी तूने करम अपना जारी रखा

तू सख़ी है बड़ा तू सख़ी है बड़ा

मैं पशेमान हूँ रहम करदे खुदा

रहम करदे खुदा

रहम करदे खुदा..

 

 

 

है ये बख़्शिश का सामान

 

सज्दे में है हर इन्सान

 

क्या सज्जाद क्या फ़रहान ! नूरे रमज़ान

 

नूरे रमज़ान, नूरे रमज़ान, नूरे रमज़ान 

 

नूरे रमज़ान, नूरे रमज़ान

टैग:
Mohammad Wasim

Mohammad Wasim

KI MUHAMMAD ﷺ SE WAFA TU NE TO HUM TERE HAIN,YEH JAHAN CHEEZ HAI KYA, LAUH O QALAM TERE HAIN.

Muslim Life Pro App
Download
WhatsApp Group
Join Now