दिल्ली राजस्थान तुम्हारा, या ख़्वाजा सारा हिन्दुस्तान तुम्हारा, या ख़्वाजा हिन्द में नव्वे लाख को कलमा पढ़वाया
बड़ी दूर से आए हैं, मु'ईनुद्दीन सय्यिदा का सदक़ा दोबड़ी दूर से आए हैं, मु'ईनुद्दीन सय्यिदा का सदक़ा दो
दिल्ली राजस्थान तुम्हारा, या ख़्वाजा सारा हिन्दुस्तान तुम्हारा, या ख़्वाजा हिन्द में नव्वे लाख को कलमा पढ़वाया
बड़ी दूर से आए हैं, मु'ईनुद्दीन सय्यिदा का सदक़ा दोबड़ी दूर से आए हैं, मु'ईनुद्दीन सय्यिदा का सदक़ा दो