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तारु 'अरब लागे रे खजूर खजूर

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तारु 'अरब लागे रे खजूर खजूरतारु नाम लागे रे मधुर मधुरमने बोलावी ल्यो, मदीनाहाँ ! मदीना वाड़ा हुज़ूर हुज़ूर
या रसूलअल्लाह !

तारु 'अरब लागे रे खजूर खजूर
तारु नाम लागे रे मधुर मधुर
मने बोलावी  ल्यो, मदीना
हाँ ! मदीना वाड़ा हुज़ूर हुज़ूर

तारु 'अरब लागे, खजूर खजूर

मारे लीलो  गुम्बद जोवूं  छे
नबवी ना मीनारा जोवा छे
मारे बनी ने त्यां कबूतर
पड़वूं छे दुरूद हा गुटुर गुटुर

तारु 'अरब लागे, खजूर खजूर

तारा दर पर मगतों नी कतार
लागी छे लाखों नी वणजार
तारे मारी कशी ज़रूर नथी
मने तारी छे हाँ हाँ ज़रूर ज़रूर

तारु 'अरब लागे, खजूर खजूर

हाफिज़, क़ारी के होये हाजी
पछी नमाज़ी होये के होये क़ाज़ी
आका ! तमारां हाँ प्रेम बिना
एनु  उतरी जासे, बधु गुरूर गुरूर

तारु 'अरब लागे, खजूर खजूर

आजकाल नी ना वात कर
मदीना नी तु मुलाक़ात कर
तारे जन्नत जोवानी रही जाशे
तारा प्राण थाशे ज्यारे फुरूर फुरूर

तारु 'अरब लागे, खजूर खजूर

बाज़ार नी चाल गंदी छे
बाज़ार नी रुख अंधी छे
दीवाना ने आक़ा ! बोलावी ल्यो  
ए बनी ने रहेशे मज़ूर मज़ूर

तारु 'अरब लागे, खजूर खजूर

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