या गौस पिया रंग दो मेरी ऐसी चुनरिया
या गौस पिया रंग दो मेरी ऐसी चुनरिया
इतराए फिरूं सारी में बग़दाद नगरीया
चुनरी को मेरी रंग दो रंग छूट न जाए
मुहोब्बत भी ऐसी भर दो दिल टूट न जाए
होती है बड़ी चोर ज़माने की नगरीया
इतराए फिरूं सारी में बग़दाद नगरीया
या गौस पिया रंग दो मेरी ऐसी चुनरिया
इतराए फिरूं सारी में बग़दाद नगरीया
खुश होक चला हूँ में ग़ौसुल वरा के घर
रुक रुक के कह रहा मुझसे ये मेरा दिल
आऊं में हर दम तोरी बग़दाद नगरिया
इतराए फिरूं सारी में बग़दाद नगरीया
या गौस पिया रंग दो मेरी ऐसी चुनरिया
इतराए फिरूं सारी में बग़दाद नगरीया
या गौस पिया दर पे तोरे आन खड़े हैं
उम्मीद लिए दर से तोरे बहार खड़े हैं
हुजरे से बहार आओ करो हम पे नजरिया
इतराए फिरूं सारी में बग़दाद नगरीया
या गौस पिया रंग दो मेरी ऐसी चुनरिया
इतराए फिरूं सारी में बग़दाद नगरीया
सखियाँ बलाएं गाएं , हूरें बलाएं ले
जितनी बालाएं ले ले उतनी दुआएं दे
पनघट पे जब आऊं में तोरे घर पे गगरिया
इतराए फिरूं सारी में बग़दाद नगरीया
या गौस पिया रंग दो मेरी ऐसी चुनरिया
इतराए फिरूं सारी में बग़दाद नगरीया
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