या रसूलल्लाहि उनज़ुरहा लना
या हबीबल्लाहि इस्मा-कालना
इन्ननी फी बह्रि हम्मिम मुग़रक़न
ख़ुज़ियति साहिल्लना अश्कालमा
या नबी चश्मे करम फ़रमाइए
दरगुज़र हर एक ख़ता फ़रमाइए
गुंबदे ख़ज़रा के जलवे हो नसीब
ये करम या मुस्तफ़ा फ़रमाइए
आपके क़दमों में हो जाऊं शाहिद
और कुछ सबक ऐसा शाह फ़रमाइए
या रसूलल्लाह मेरी मग़फ़िरत
हो ख़ुदा से ये दुआ फ़रमाइए
इस्तिक़ामत दीन पर हम को अता
अज़ पाए गौसो रज़ा फ़रमाइए
नैमत-ए अख़लाक़ कर दीजिए अता
ये करम या मुस्तफ़ा फ़रमाइए
ग़ीबतों चुगली की आदत से बचें
ये करम या मुस्तफ़ा फ़रमाइए
हम रियाकारी से बचते ही रहें
ये करम या मुस्तफ़ा फ़रमाइए
नफ़्सो शैतान की शरारत दूर हो
ये करम या मुस्तफ़ा फ़रमाइए
अपने आसी की शफ़ाअत हश्र में
शाफ़ा-ए-रोज़े जज़ा फ़रमाइए
मदनी बुरका पहने सब बहनें करम
फ़ातिमा का वासिता फ़रमाइए
दूर हों आफ़तों मसाइब या नबी
बहरे शाहे कर्बला फ़रमाइए
दम लबों पर आ गया अत्तार का
अब क़दम रंजा शाह फ़रमाइए







