
अल्लाहुम्मा सल्ले-'अला सय्यदना व् मौलाना मोहम्मदिनव् 'अला आलिहि व् असहाबिहि व् बारीक व् सल्लिमसबसे ऊला आ'ला हमारा नबी
अल्लाहुम्मा सल्ले-'अला सय्यदना व् मौलाना मोहम्मदिन
व् 'अला आलिहि व् असहाबिहि व् बारीक व् सल्लिम
सबसे ऊला आ'ला हमारा नबी
सबसे बाला व् वाला हमारा नबी
अपने मौला का प्यारा हमारा नबी
दोनों आ'लम का दूल्हा हमारा नबी
अल्लाहुम्मा सल्ले-'अला सय्यदना व् मौलाना मोहम्मदिन
व् 'अला आलिहि व् असहाबिहि व् बारीक व् सल्लिम
लाखों आए यहां और लाखों गए
ऊँचे ऊँचे शहंशाह यहां न रहे
कितने दिये जले जलके फिर बुझ गए
क्या खबर कितने तारे खिले छुप गए
पर न डूबे न डूबा हमारा नबी
अल्लाहुम्मा सल्ले-'अला सय्यदना व् मौलाना मोहम्मदिन
व् 'अला आलिहि व् असहाबिहि व् बारीक व् सल्लिम
जिनके तलवों का धोवन है आब-ए-हयात
है वो जान-ए-मसीहा हमारा नबी
ख़ल्क़ से औलिया , औलिया से रसूल
और रसूलों से आला हमारा नबी
कौन देता है देने को मुँह चाहिए
देने वाला है सच्चा हमारा नबी
ग़म-ज़दों को रज़ा मुज़्दा दीजिये के है
बेकसों का सहारा हमारा नबी
अल्लाहुम्मा सल्ले-'अला सय्यदना व् मौलाना मोहम्मदिन
व् 'अला आलिहि व् असहाबिहि व् बारीक व् सल्लिम
जब हुस्न था उनका जल्वा-नुमा , अनवार का 'आलम क्या होगा
हर कोई फ़िदा है बिन देखे, दीदार का 'आलम क्या होगा
क़दमों में जबीं को रहने दो , चेहरे का तसव्वुर मुश्किल है
जब चाँद से बढ कर एड़ी है , तो रुख़्सार का 'आलम क्या होगा
अल्लाहुम्मा सल्ले-'अला सय्यदना व् मौलाना मोहम्मदिन
व् 'अला आलिहि व् असहाबिहि व् बारीक व् सल्लिम
फ़ज़्ल-ए-रब्ब-उल-ऊला और क्या चाहिए , मिल गए मुस्तफा और क्या चाहिए
दामन-ए-मुस्तफा जिनके हाथों में है, उनको रोज़-ए-जज़ा और क्या चाहिए
हमको ग़ुलामी की देदो सनद , बस यही 'इज़्ज़त-ओ-मर्तबा चाहिए
भर के झोली मेरी मेरे सरकार ने , मुस्कुरा कर कहा और क्या चाहिए
अल्लाहुम्मा सल्ले-'अला सय्यदना व् मौलाना मोहम्मदिन
व् 'अला आलिहि व् असहाबिहि व् बारीक व् सल्लिम
मुख चंद बदर सा सानी है , मत्थे चमक दी लट नूरानी है
काली ज़ुल्फ़ ते अख मस्तानी है, मख़मूर अखिहिन मधभरियाँ
ऐसी सूरत नूं में जान आखांन , जानाने के जान-ए-जहान आखान
सच आखां ते रब्ब दी शान आखां, जिस शान तू शानां सब बड़ियाँ
सुब्हान-अल्लाह, मा अजमल-क , मा अहसन-क मा , अकमल-क
कित्थे महेर 'अली, कित्थे तेरी सना, गुस्ताख़ अखिहन कित्थे जा-लरियाँ
अल्लाहुम्मा सल्ले-'अला सय्यदना व् मौलाना मोहम्मदिन
व् 'अला आलिहि व् असहाबिहि व् बारीक व् सल्लिम
Mohammad Wasim
KI MUHAMMAD ﷺ SE WAFA TU NE TO HUM TERE HAIN,YEH JAHAN CHEEZ HAI KYA, LAUH O QALAM TERE HAIN.
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