नबी का सानी नहीं है ढूंढते रह जाओगे
नूर का ऐसा सरापा ढूंढते रह जाओगे
साया मेरे मुस्तफा का ढूंढते रह जाओगे
नात की आदत हमें जन्नत तलाक ले जाएगी
तुम किताबों में हवाला ढूंढते रह जाओगे
शामियाना-इ-मुहम्मद हश्र में देगा पनाह
मुन्किरों उस दिन भी साया ढूंढते रह जाओगे
सर कटाए घर लुटाए अहले बैते मुस्तफा
हश्र तक ऐसा घराना ढूंढते रह जाओगे
जो भी गुस्ताखी करेगा आयशा की शान में
इस तरह गाड़ेंगे ज़िंदा ढूंढते रह जाओगे
हज़रते शब्बीर ने सजदा जो कर्बल में किया
है ये दावा ऐसा सजदा ढूंढते रह जाओगे
मत जलो ग़ौसुल वरा से वरना फिर रोज़े जज़ा
मुंह छिपाने का ठिकाना ढूंढते रह जाओगे
लौटना तयबाह से कातिब आशिकों से पूछिए
सब्ज़ गुम्बद का नज़ारा ढूंढते रह जाओगे
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