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गली गली सज गयी, शहर शहर सज गया

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गली गली सज गयी, शहर शहर सज गयाआये नबी प्यारे नबी मेरा भी घर सज गयामरहबा या मुस्तफा, मरहबा या मुस्तफा

 

गली गली सज गयी, शहर शहर सज गया

आये नबी प्यारे नबी मेरा भी घर सज गया

मरहबा या मुस्तफा, मरहबा या मुस्तफा

मुस्तफा से प्यार है, दिल से ये इक़रार है

हर कोई मिलादे नबी करने को तैयार है

मरहबा या मुस्तफा, मरहबा या मुस्तफा

दुनिया में जहाँ भी रहे आबाद रहेंगे

जो आमेना के लाल का मिलाद करेंगे

जंडे लगाओ, खुशियां मनाओ

करके चरागाँ खुशियां मनाओ

आशिक़ ने मदनी लाइटों से घर जगमगा दिया

ये जश्न ज़रूरी है सभी बता दिया

मुनकिर ये तेरा बुग्ज़ है मिलादे नबी से

जो सारा साल जलता था वो भी बजा दिया

 

मिलाद पे चरागाँ न सही,

जो बल्ब सारा साल जलता था वो भी बजा दिया

 

गली गली सज गयी, शहर शहर सज गया

आये नबी प्यारे नबी मेरा भी घर सज गया

 

दुनिया में जहाँ भी रहे आबाद रहेंगे

जो आमेना के लाल का मिलाद करेंगे

 

सरकार के मिलाद पे क्यों ऐतेराज़ है

ये बात ख़ुशी की है और तु नाराज़ है

लगता है तेरी दाल में काला ज़रूर है

मिलाद मनाने पे हमें दिल से नाज़ है

 

दुनिया में जहाँ भी रहे आबाद रहेंगे

जो आमेना के लाल का मिलाद करेंगे

 

क़ुरआन के बताये हुए रस्ते पे रहेंगे

अस्हाबे मुहम्मद के तरीके पे चलेंगे

मुंकिन ही नहीं कम हो कभी प्यार के जज़्बे

मिलादे नबी पहले से भी ज़्यादा करेंगे

 

दुनिया में जहाँ भी रहे आबाद रहेंगे

जो आमेना के लाल का मिलाद करेंगे

 

शाने रसूले पाक सुनते ही रहेंगे

लब पर दुरूदे पाक सजाते ही रहेंगे

जो मानते नहीं हैं हमें उनसे गरज़ क्या

हम लोग तो मिलाद मानते ही रहेंगे

 

गली गली सज गयी, शहर शहर सज गया

आये नबी प्यारे नबी मेरा भी घर सज गया

 

दुनिया में जहाँ भी रहे आबाद रहेंगे

जो आमेना के लाल का मिलाद करेंगे

 

ये बिगड़े हुए लोग सुधर क्यों नहीं जाते

उश्शाक़ समंदर में उतर क्यों नहीं जाते

गुस्ताखों की करते हैं यहाँ जो भी हिमायत

सरकार के गद्दार हैं ये मर क्यों नहीं जाते

 

दुनिया में जहाँ भी रहे आबाद रहेंगे

जो आमेना के लाल का मिलाद करेंगे

 

खुद अपने ही हाथों से यूँ तक़दीर जगालो

हालात संवर जाएंगे जंडों को उठालो

ईमान है और खैर है मिलाद उजागर

क्यों बैठे हो सरकार का मिलाद मनालो

 

गली गली सज गयी, शहर शहर सज गया

आये नबी प्यारे नबी मेरा भी घर सज गया

 

मरहबा या मुस्तफा, मरहबा या मुस्तफा

 

मुस्तफा से प्यार है, दिल से ये इक़रार है

हर कोई मिलादे नबी करने को तैयार है

 

मरहबा या मुस्तफा, मरहबा या मुस्तफा

 

दुनिया में जहाँ भी रहे आबाद रहेंगे

 

जो आमेना के लाल का मिलाद करेंगे

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