भाषा:
Get App

खोजें

क्या करूँ के याद आती हैं सुनहरी जालियां

  • यह साझा करें:
क्या करूँ के याद आती हैं सुनहरी जालियां

क्या करूँ के याद आती हैं सुनहरी जालियां
दिल में एक हलचल मचाती हैं सुनहरी जालियां
 
अपनी पलकों से उन्हें मैं चूमता हूँ देर तक
दिल में जब भी जगमगाती हैं सुनहरी जालियां
 
फूटने लगती हैं फिर उम्मीद की किरणें नयी 
ख़्वाब आँखों में जगाती हैं सुनहरी जालियां
 
ज़िन्दगी भर की थकन को दूर कर देती है वो
प्यार से जब मुस्कुराती हैं सुनहरी जालियां
 
पूछने वाले ! मैं लब्ज़ों में बयान कैसे करूँ
क्या बताऊँ क्या दिखाती हैं सुनहरी जालियां
 
जो यहाँ पहुंचा वो आक़ा की शफा'अत पा गया
राह जन्नत की दिखाती हैं सुनहरी जालियां
Mohammad Wasim

Mohammad Wasim

KI MUHAMMAD ﷺ SE WAFA TU NE TO HUM TERE HAIN,YEH JAHAN CHEEZ HAI KYA, LAUH O QALAM TERE HAIN.

Muslim Life Pro App
Download
WhatsApp Group
Join Now