आया सोहणा, धुमाँ पय गय्याँ
मन मोहणा, धुमाँ पय गय्याँ
चन चढ़ेया, धुमाँ पय गय्याँ
चन चढ़ेया, धुमाँ पय गय्याँ
चन चढ़ेया, चन चढ़ेया
हर पासे धूमाँ पय्याँ ने, सरकार असाँ दे औंदे ने
गलियाँ, बाज़ार वी सजियाँ ने, मंठार असाँ दे औंदे ने
संगियो ! अज जश्न मनाओ गज वज के
संगियो ! अज जश्न मनाओ गज वज के
कौनैन हुए जगमग जगमग, अब चाँद ख़ुदा के आते हैं
हम कर के चराग़ाँ अपने घर आमद का जश्न मनाते हैं
संगियो ! अज जश्न मनाओ गज वज के
संगियो ! अज जश्न मनाओ गज वज के
आए आक़ा, बोलो मरहबा
साडे मौला, बोलो मरहबा
साडे दिलबर, बोलो मरहबा
साडे रहबर, बोलो मरहबा
साडे हामी, बोलो मरहबा
साडे यावर, बोलो मरहबा
बोलो मरहबा, बोलो मरहबा, बोलो मरहबा
जिब्रील को आज ये हुक्म मिला, बारात फ़रिश्तों की ले जा
मुज़्दा ये आमिना बी को सुना, हम भाग तेरे चमकाते हैं
संगियो ! अज जश्न मनाओ गज वज के
संगियो ! अज जश्न मनाओ गज वज के
आया सोहणा, धुमाँ पय गय्याँ
मन मोहणा, धुमाँ पय गय्याँ
चन चढ़ेया, धुमाँ पय गय्याँ
चन चढ़ेया, धुमाँ पय गय्याँ
चन चढ़ेया, चन चढ़ेया
गुलशन में 'अनादिल हैं चहके, कलियाँ चटकी, हैं गुल महके
हर शाख़-ए-चमन कह के लहके, वो जान-ए-बहाराँ आते हैं
संगियो ! अज जश्न मनाओ गज वज के
संगियो ! अज जश्न मनाओ गज वज के
वो जान-ए-जहाँ, जान-ए-ईमाँ, वो हैं वज्ह-ए-तख़्लीक़-ए-जहाँ
हैं जल्वा-नुमा वो शाह-ए-शहाँ, जो मालिक-ए-कुल कहलाते हैं
संगियो ! अज जश्न मनाओ गज वज के
संगियो ! अज जश्न मनाओ गज वज के
मौलूद-ए-नबी की हैं घड़ियाँ, कैसे न मनाएँ हम ख़ुशियाँ
बन जाएँगी अपनी भी बतियाँ, हर गुत्थी वो सुलझाते हैं
संगियो ! अज जश्न मनाओ गज वज के
संगियो ! अज जश्न मनाओ गज वज के
'ईदों की 'ईद, 'उबैद ! आई, रहमत की घटा हर-सू छाई
ख़ुश-हाल न क्यूँ हों शैदाई, 'ईदी रब से दिलवाते हैं
संगियो ! अज जश्न मनाओ गज वज के
संगियो ! अज जश्न मनाओ गज वज के
आए आक़ा, बोलो मरहबा
साडे मौला, बोलो मरहबा
साडे दिलबर, बोलो मरहबा
साडे रहबर, बोलो मरहबा
साडे हामी, बोलो मरहबा
साडे यावर, बोलो मरहबा
बोलो मरहबा, बोलो मरहबा, बोलो मरहबा
शायर:
ओवैस रज़ा क़ादरी
ना'त-ख़्वाँ:
ओवैस रज़ा क़ादरी
संगियो अज जश्न मनाओ गज वज के | आया सोहणा धुमाँ पय गय्याँ

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