तेरे कदमों में आना मेरा काम था,
मेरी बड़ी बनाना तेरा काम है।
मेरी आंखों को है डीड की आरजू,
रुख से पर्दा उठाना तेरा काम है।
तेरी चौखत कहां और कहां ये जबीं,
तेरे फैजो़-करम की तो हद ही नहीं,
जिन को दुनिया में कोई ना अपना कहे,
उनको अपना बनाना तेरा काम है।
मेरे दिल में तेरी याद का राज़ है,
ज़ेहन तेरे तसव्वुर का मोहताज है,
एक निगाहे करम ही मेरी लाज है,
लाज मेरी निभाना तेरा काम है।
आखिरी वक़्त हो तेरे बीमार का,
एक क़तरा मिले जाम-ए-दीदार का,
आखिरी मेरे दिल की है हसरत यही,
अब ये हसरत मिटाना तेरा काम है।
मेरे दिल का सुख, मेरे दिल की सदा,
है ज़हूरी सना-ए-हबीब-ए-खुदा,
ये सदा-ए-अकीदत ऐ बाद-ए-सबा,
जा कर उनको सुनाना तेरा काम है।
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