भाषा:
Get App

खोजें

तुम्हारे ज़र्रे के परतौ सितारहाए फ़लक

  • यह साझा करें:
Get it on Google PlayDownload on the App Store
तुम्हारे ज़र्रे के परतौ सितारहाए फ़लकतुम्हारे ना’ल की नाक़िस मिसल ज़ियाए फ़लक

तुम्हारे ज़र्रे के परतौ सितारहाए फ़लक

तुम्हारे ना’ल की नाक़िस मिसल ज़ियाए फ़लक


अगर्चे छाले सितारों से पड़ गए लाखों

मगर तुम्हारी त़लब में थके न पाए फ़लक


सरे फ़लक न कभी ता-ब आस्तां पहुंचा

कि इब्तिदाए बुलन्दी थी इन्तिहाए फ़लक


यह मिट के उनकी रविश पर हुवा खुद उनकी रविश

कि नक़्शे पाए ज़मीं पर न सौते पाए फ़लक


तुम्हारी याद में गुज़री थी जागते शब भर

चली नसीम, हुए बन्द दीदहाए फ़लक


न जाग उठें कहीं अहले बक़ीअ़ कच्ची नींद

चला यह नर्म न निकली सदाए पाए फ़लक


यह उनके जल्वे ने कीं गर्मियां शबे असरा

कि जब से चर्ख़ में हैं नुक़राओ त़िलाए फ़लक


मेरे ग़नी ने जवाहिर से भर दिया दामन

गया जो कासए मह ले के शब गदाए फ़लक


रहा जो क़ानेए़ यक नाने सोख़्ता दिन भर

मिली हुज़ूर से काने गुहर जज़ाए फ़लक


तजुम्मुले शबे असरा अभी सिमट न चुका

कि जब से वैसी ही कोतल हैं सब्ज़हाए फ़लक


ख़ित़ाबे ह़क़ भी है दर दर बाबे ख़ल्क़ मिन अ-ज-लिक

अगर इधर से दमे ह़म्द है सदाए फ़लक


यह अहले बैत की चक्की से चाल सीखी है

रवां है बे मददे दस्त आसियांए फ़लक


रज़ा यह नाते नबी ने बुलन्दियां बख़्शीं

लक़ब ज़मीनें फ़लक का हुवा समाए फ़लक

Muslim Life Pro App
Download
WhatsApp Group
Join Now