चिरागे चिश्त शहे औलिया गरीब नवाज़मेरे हुज़ूर मेरे पेशवा गरीब नवाज़तेरी शान ख्वाजा-इ-ख्वाजगांतू बड़ा गरीब नवाज़ है
सरकार-ए-ग़ौस-ए-आज़म ! नज़रे करम खुदारसरकार-ए-ग़ौस-ए-आज़म ! नज़रे करम खुदारामेरा खाली कासा भर दो, में फ़कीर हूँ तुम्हारा
सरदार-ए-औलिया हैं मेरे गौस पिया जिलानीवो महबूब-ए-सुब्हानी , शहबाज़-ए-ला-मकानीवो किन्दील-ए-नूरानी
ग्यारवीं वाले मेरे ग्यारवीं वालेइमदाद कुन इमदाद कुन अज़ बंदे ग़म आज़ाद कुनदर दीं और दुनिया शाद कुन या ग़ौसे आज़म दस्तगीर
रोशन सदा रहेगा तेरा नाम या हुसैनक्योंकि किया है आपने वो काम या हुसैनरोशन सदा रहेगा तेरा नाम या हुसैन
रुतबा ये विलायत में , क्या गौस ने पाया हैअल्लाह ने वलियों का , सुलतान बनाया हैहै दस्त-ए-'अली सर पर , हसनैन का साया है















