• author
    Mohammad Wasim
  • 12/10/2024
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लोह मदीने की तजल्ली से लगाए हुए हैं

लोह मदीने की तजल्ली से लगाए हुए हैंदिल को हम मतला-इ-अनवार बनाये हुए हैंएक जलक आज दिखा अये गुम्बदे ख़ज़रा के मकींकुछ भी हैं दूर से दीदार को आये हुए हैं

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    Mohammad Wasim
  • 12/10/2024
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लब पे सल्लेअला के तराने अश्क आँखों में आये हुए हैं

लब पे सल्ले अला के तरानेअश्क आँखों में आये हुए हैंये हवा ये फ़ज़ा कह रही हैआप तशरीफ़ लाये हुए हैं

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    Mohammad Wasim
  • 12/10/2024
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लहू का कतरा कतरा बहा देंगे कसम से

लहू का कतरा कतरा बहा देंगे कसम सेनबी पे जान अपनी लुटा देंगे कसम सेमुस्तफा की शान पे न आंच आने देंगे हम

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    Mohammad Wasim
  • 12/10/2024
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लब्बैक या रसूल अल्लाह

लब्बैक या रसूलल्लाह लब्बैक या रसूलल्लाहलब्बैक लब्बैक लब्बैक या रसूलल्लाहखुद को मिटा देंगे, हम जान लुटा देंगे

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    Mohammad Wasim
  • 12/10/2024
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क्या शान है तेरी सल्ले आला या अब्दुल कादिर जिलानी

क्या शान है तेरी सल्ले अला या अब्दुल क़ादिर जिलानीतू नूरे नबी तू नूरे खुदा या अब्दुल क़ादिर जिलानीहर जा तेरा सिक्का चलता है, कुनैन में सदक़ा बंटता है

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    Mohammad Wasim
  • 11/10/2024
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जन्नत में लेके जाएगी चाहत रसूल की

क्युं कर न मेरे दिल में हो उल्फत रसूल कीजन्नत में लेके जाएगी चाहत रसूल कीजन्नत में लेके जाएगी चाहत रसूल की

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    Mohammad Wasim
  • 11/10/2024
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काबे के बदरुद्दुजा तुमपे करोदो दुरूद

का'बे के बदरुद्दुजा ! तुमपे करोड़ों दुरूदतयबाह के शम्सुद्दोहा ! तुमपे करोड़ों दुरूदशाफ़ा-ए-रोज़-ए-जज़ा ! तुमपे करोड़ों दुरूद

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    Mohammad Wasim
  • 11/10/2024
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Khuda ka zikr kare zikr-e-Mustafa na kare
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    Mohammad Wasim
  • 11/10/2024
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काश गुंबदे खजरा देखने को मिल जाता

दाग-ए-फुरकत-ए-तैबा , क़ल्ब-ए-मुज़महिल जाताकाश गुम्बद-ए-ख़ज़रा , देखने को मिल जाता

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    Mohammad Wasim
  • 11/10/2024
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करम मांगता हूं अता मांगता हूं

करम मांगता हूँ 'अता मांगता हूँइलाही ! में तुजसे दुआ मांगता हूँ'अता कर तू शाह-ए-करीमी का सदक़ा

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    Mohammad Wasim
  • 11/10/2024
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काबे की रौनक काबे का मंज़र

का'बे की रौनक का'बे का मंज़र , अल्लाहु अकबर अल्लाहु अकबरदेखूं तो देखे जाऊं बराबर, अल्लाहु अकबर अल्लाहु अकबर

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    Mohammad Wasim
  • 11/10/2024
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जितना दिया सरकार ने मुझको

जितना दिया सरकार ने मुझको उतनी मेरी औकात नहींये तो करम है उनका वरना मुझमें तो ऐसी बात नहींइश्क़े शहे बत्हा से पहले मुफ़लिसों खस्ता हाल था में जी