जहां आक़ा की मिदहत हो गई है
जगह वो मिस्ले जन्नत हो गई है
मेरे आक़ा ने जो फ़रमा दिया है
वो उम्मत की शरीअत हो गई है
जहां आक़ा की मिदहत हो गई है
जगह वो मिस्ले जन्नत हो गई है
ये तेरे दूध की अज़मत है ज़हरा
जो नेज़े पर तिलावत हो गई है
जहां आक़ा की मिदहत हो गई है
जगह वो मिस्ले जन्नत हो गई है
अली के शाहज़ादे करबला में
फ़िदा तुझ पर शहादत हो गई है
जहां आक़ा की मिदहत हो गई है
जगह वो मिस्ले जन्नत हो गई है
नबी की नात की बरकत है ये सब
मेरी दुनिया में शोहरत हो गई है
जहां आक़ा की मिदहत हो गई है
जगह वो मिस्ले जन्नत हो गई है
इमाम अहमद रज़ा की बदौलत
अक़ीदे की तहारत हो गई है
जहां आक़ा की मिदहत हो गई है
जगह वो मिस्ले जन्नत हो गई है
नातख्वां:
अक़ीलुर्रहमान मुरादाबादी
Muslim Life Pro App
Download
WhatsApp Group
Join Now




