या अमीर-उल-मोमिनीन या अमीर-उल-मोमिनीन 'अली 'अली 'अली 'अली 'अली 'अली 'अली
ख़्वाजा पिया मेरे ख़्वाजा पिया ख़्वाजा पिया मेरे ख़्वाजा पिया दिल्ली राजस्थान तुम्हारा, या ख़्वाजा
दिल्ली राजस्थान तुम्हारा, या ख़्वाजा सारा हिन्दुस्तान तुम्हारा, या ख़्वाजा हिन्द में नव्वे लाख को कलमा पढ़वाया
बड़ी दूर से आए हैं, मु'ईनुद्दीन सय्यिदा का सदक़ा दोबड़ी दूर से आए हैं, मु'ईनुद्दीन सय्यिदा का सदक़ा दो
मु'ईनुद्दीन मु'ईनुद्दीन मु'ईनुद्दीन मु'ईनुद्दीनमु'ईनुद्दीन मु'ईनुद्दीन मु'ईनुद्दीन मु'ईनुद्दीन ज़माना छूटे, हम न छोड़ेंगे दर-ए-ग़रीब-नवाज़
बे-ख़ुद किए देते हैं अंदाज़-ए-हिजाबानाआ दिल में तुझे रख लूँ, ऐ जल्वा-ए-जानाना
ख़ुदा का नूर तुझ में हू-ब-हू हैख़ुदा पिन्हा मगर तू रू-ब-रू हैतेरी 'अज़मत का अंदाज़ा हो किस कोख़ुदा है और ख़ुदा के बा'द तू है
या नबी सलाम अलैका, या रसूल सलाम अलैका या हबीब सलाम अलैका, सलवा तुल्लाह अलैकाआपका तशरीफ लाना ,वक्त 'भी कितना सुहानाजगमगा उठा जमाना हूरें गाती थीं तराना
















