दिलों से ग़म मिटाता है, मुहम्मद नाम ऐसा हैनगर उजड़े बसाता है, मुहम्मद नाम ऐसा है
बारह रबीउल अव्वल के दिन अब्रे बहारां छाएमेरे सरकार आए मेरे सरकार आए
ऐ सबा ! सरकार की बातें सुनासय्यिद-ए-अबरार की बातें सुनामैं दुरूदों के हूँ नग़्मे छेड़तातू मुझे सरकार की बातें सुना
आओ कि करें उन लब-ओ-रुख़्सार की बातें, सरकार की बातेंमहबूब-ए-ख़ुदा, पैकर-ए-अनवार की बातें, सरकार की बातेंजब कोई नहीं, कोई नहीं, कोई सहारा, ग़म-ख़्वार हमाराहम क्यूँ न करें अपने ख़रीदार की बातें, सरकार की बातें
पहली दुआसूरह क़ुरैश (7 बार पढ़ें):लि ईलाफि क़ुरैशईलाफिहिम रिह-लतश शिता..इ वस्सैफफल यअ’बुदू रब्बा हाज़ल बैत
मेरे आक़ा आए हैं, सज गया ज़माना है मेरे आक़ा आए हैं, सज गया ज़माना है आया आया आया जश्न-ए-नबी ! आया आया आया जश्न-ए-नबी !
















